Tuesday, August 26, 2008

Prakriti



There exists a mighty and beautiful thing called

" NATURE"




पश्य देवस्य काव्यम, न ममार, न जीर्यति.... !!!

-शक्तिब्रत

Monday, August 25, 2008




आज तृप्त होती अभिलाषओं से
मैं बहुत डर जाता हूँ
ख्यालो मे भरी वेदनाओ से
मैं बहुत डर जाता हूँ
मैं डरता हूँ

जिंदगी की हर तलब से

मनोज प्रसाद

Tuesday, August 19, 2008

बारिश में

चमकती , टपकती बूंदों से पूछो

बारिश में भीगने का मजा क्या है

मटमैले कीचड़ की सूरत से पूछो

कीचड़ में लिपटने का मजा क्या है

हांफते - कांपते मुसाफिरों से पूछो

कच्ची सड़क में चलने का मजा क्या है

जंगल में भीगी लकड़ी से पूछो

चूल्हे में जलने का मजा क्या है

मनोज प्रसाद

आइना


Monday, August 18, 2008

Monday, August 4, 2008